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गुरुवार, 18 दिसंबर 2025

#शिवपुरी जिले के 20 अद्भुत पर्यटक स्थल: इतिहास, विरासत और प्रकृति का अनुपम संगम

शिवपुरी जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल, जहाँ आपको मिलेगी इतिहास, विरासत, कला, संस्कृति और प्राकृतिक सौन्दर्य की अद्भुत छटा।


नरवर दर्शन में आपका हार्दिक स्वागत! यह ब्लॉग इतिहास, विरासत, संस्कृति, साहित्य, शिक्षा और प्रकृति की अनमोल धरोहरों को समर्पित है। आज हम मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की सैर करेंगे, जो सिंधिया राजवंश की गौरवशाली विरासत, प्राचीन किलों, घने जंगलों और मनमोहक झरनों से भरा हुआ है। यह जिला न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है, बल्कि इतिहास के पन्नों को जीवंत करने वाला एक जीवंत संग्रहालय भी। शिवपुरी, जो कभी ग्वालियर राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी था, महाभारत काल से जुड़ी कथाओं और आदिवासी संस्कृति की झलकियां पेश करता है। यहां की यात्रा आपको आत्मिक शांति और रोमांच दोनों प्रदान करेगी।

शुक्रवार, 7 जून 2024

ग्वालियर से नरवर की दूरी, दिशा, किराया और आवागमन के लिए उपलब्ध साधनों की सम्पूर्ण जानकारी

ग्वालियर से नरवर किस ओर है? ग्वालियर से नरवर कैसे पहुँचें, इसकी पूरी जानकारी इस लेख में दी गयी है।
टीम नरवर दर्शन - यात्रा

श्री लोढीमाता की पवित्र पावन भूमि नरवर मध्यप्रदेश के ग्वालियर संभाग अंतर्गत आने वाले शिवपुरी जिले में स्थित है। राजा नल-दमयंती की ऐतिहासिक नगरी नरवर का उल्लेख महाभारतकाल में नलपुर के नाम से मिलता है। नरवर अपने इतिहास, विरासत, प्रकृति और लोढीमाता के चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ प्राचीन नरवर किला, श्री लोढीमाता मंदिर, श्री टपकेश्वर महादेव, मडीखेडा बाँध, मोहनी सागर बाँध तथा ग्वालियर जिले में नरवर की सीमा से लगा हुआ हरसी बाँध जैसे बडे-बाँध तीर्थ स्थल और पर्यटक स्थल के रूप में विद्यमान हैं। इसके अलावा नरवर में अनेक झील, झरने, तालाब और सिंध नदी का रमणीक तट भी मनमोहक है।

मैंने बीते दिनों ब्लॉग पर Google Analytics में देखा कि नरवर के लिए ग्वालियर से आने के बारे में लोगों ने Google Search किया है। इसलिए मुझे लगा कि इस पर एक सरल और संक्षिप्त लेख होना चाहिए। तो आज इस लेख में ग्वालियर से नरवर कैसे पहुँचें, इसी विषय पर पूरी जानकारी देने का प्रयास किया है। आप से अनुरोध है कि यदि आप भी एक पर्यटक के रूप में अथवा श्री लोढीमाता पर श्रद्धालु के रूप में नरवर आने के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख अवश्य पढें।

(लेख निरंतर अपडेट किया जा रहा है ...)

शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2022

नरवर में दो पर्यटन मित्रों की नियुक्ति: पर्यटन को मिलेगी उड़ान, इसे बढ़ावा देने के लिए मिले 2 पर्यटन मित्र

नरवर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का पूरी ऐतिहासिक तथ्यात्मक जानकारी के साथ भ्रमण कराने के लिए जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद DATCC Shivpuri की ओर से जिला शिवपुरी कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह जी द्वारा द्वारा नरवर में दो पर्यटन मित्रों शिवम सिंह परमार और दीपक सिंह परिहार की नियुक्ति की है।

नरवर में नियुक्त हुए दो पर्यटन मित्र Shivam Singh Parmar और Deepak Singh Parihar

नरवर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने व लोगों को यहां के गौरवशाली इतिहास व धार्मिक महत्व सहित प्राकृतिक सौंदर्य से परिचय कराने के लिए कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने दो पर्यटन मित्रों की नियुक्ति की है। नरवर क्षेत्र में नियुक्त किए गए पर्यटन मित्रों से अब क्षेत्र में पर्यटन को उड़ान मिलेगी और दूरदराज से आने वाले सैलानियों को नरवर किले, मडीखेड़ा व मोहनी सागर डेम सहित लोढीमाता मंदिर का भ्रमण कर यहां के इतिहास की जानकारी हासिल होगी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने सांसद विवेक शेजवलकर की अनुशंसा पर यह पर्यटन मित्र नियुक्त किए हैं । इसमें शिवम परमार व दीपक सिंह परिहार को डीएटीसी शिवपुरी द्वारा टूरिस्ट गाइड के रूप में चयनित किया गया है।

नल-दमयंती की प्रतिमा के लिए सांसद ने दिए 25 लाख : लेखक धीरज गुप्ता की पुस्तक के विमोचन अवसर पर ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर ने नरवर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए नल दमयंती की प्रतिमा स्थापित करने के लिए 50 लाख रुपए की राशि दिए जाने की बात कही थी। इस राशि की पहली किस्त 25 लाख रुपए जारी कर दी गई है, इससे अब नरवर में प्रतिमा स्थापित होने का कार्य जल्द शुरू होगा। सांसद के प्रयासों से नरवर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मित्रों की नियुक्ति पर नगर परिषद अध्यक्ष पदमा-संदीप माहेश्वरी, सौरभ गौड़, देवेंद्र शर्मा, पवन सिंह बैश, विशाल चौरसिया,  व सभी पर्यटन प्रेमियों द्वारा खुशी जाहिर की गई है।

लेखक व साहित्यकार ने की सांसद थी टूरिस्ट गाइड की मांग:
इतिहास विरासत और प्रकृति का संगम नरवर पुस्तक के लेखक धीरज गुप्ता ने ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर से बैठकर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और यहां के गौरवशाली इतिहास, धार्मिक महत्व एवं असीम प्राकृतिक सौंदर्य को लोगों के बीच प्रस्तुत करने के लिए टूरिस्ट गाइड नियुक्त करने के लिए आग्रह किया था। इस संबंध में सांसद शेजवलकर द्वारा कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह से चर्चा की गई। इस पर कलेक्टर अक्षय सिंह द्वारा डीएटीसीसी शिवपुरी के माध्यम से नरवर व आसपास के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए दो पर्यटन मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए। इस पर डीएटीसीसी डिप्टी कलेक्टर शिवांगी अग्रवाल द्वारा सक्रिय सदस्य अरविंद, सौरभ गौड, विशाल चौरसिया तथा धीरज गुप्ता से चर्चा कर पर्यटन मित्रों की नियुक्ति कर दी गई।

कलेक्टर बोले- पर्यटन मित्रों को ओरछा में मिलेगी ट्रेनिंग
कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह के मुताबिक नरवर क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नियुक्त किए गए पर्यटन मित्रों को ट्रेनिंग के लिए ओरछा व कूनो भेजा जाएगा। इसके साथ ही डीएटीसी की वेबसाइट, सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से पर्यटन मित्रों के नाम एवं नंबर प्रसारित किए जाएंगे। इससे जो भी पर्यटक नरवर आएगा, वह नरवर के गौरवशाली इतिहास धार्मिक महत्व व नरवर किले पर बनी अभिनेता रजनीकांत, जीनत अमान व राकेश रोशन की नरवर क्षेत्र में ही फिल्माई गई मूवी डाकू हसीना के संबंध में जानकारी मिल सकेगी।
(साभारः दैनिक भास्कर)

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मंगलवार, 20 जुलाई 2021

नरवर का किला | कचहरी महल | पर्यटक स्थल Narwar Fort is the best Tourist place in Shivpuri district of Madhya Pradesh.

कचहरी महल नरवर दुर्ग का सबसे महत्वपूर्ण और आलीशान हिस्सा है।
नरवर दुर्ग, 'गिरि दुर्ग' की श्रेणी में आता है। भारत के उत्तर से दक्षिण जाने के मार्ग में नरवर प्रमुख पड़ाव होने से हर समकालीन शासक ने सुरक्षा की दृष्टि से इस पर आधिपत्य करने का प्रयास किया।

नरवर दुर्ग से नरवर नगर का प्राकृतिक शौन्दर्य देखते ही बनता है। यहाँ सरसराती हवा शरीर से लिपट जाती है, जिसका अहसास वर्षों तक पर्यटक को नरवर नगर से जोड़े रहता है।
दूर दूर तक फैली हरियाली और पहाड़ो पर जाकर नज़र ठहर जाती है। दुर्ग के नीचे नगर नरवर में अनेक इतिहासिक स्थाल, देवालय, तालाब आदि अन्य पुरातत्व स्थल भी पर्यटको आकर्षित करते है।
दो हज़ार वर्ष से भी अधिक प्राचीन विरासत को समेटे इस नगर ने अनेंक संघर्ष देखे है। इसके जर्रे जर्रे  में अनेकों लोकगाथायें, किंवदंतियाँ और दंत कथाएँ  छिपी है। 
विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं एवं सिंध नदी से प्राकृतिक सुरक्षा प्राप्त यह नगर सिंध का वरदान है । सिंध नदी इसे तीन ओर से घेरे हुए है। इस पर बने मड़ीखेड़ा अटल सागर बाँध एवं मोहानी पिकअप बियर से इस क्षेत्र में सिंचाई एवं जल विद्युत उत्पादन हो रहा है।
बरसात में नरवर क्षेत्र का शौन्दर्य देखते ही बनता है। यदि आप बर्षा ऋतु का आनंद लेना चाहते है तो एक बार नरवर और मड़ीखेड़ा जरूर जाएं इस आनंद को आप विस्मृत नही कर पायेंगे।

- श्री रूपेश उपाध्याय जी
(राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी)