मंगलवार, 26 मार्च 2019

सांझ की लालिमा में नहाया ये दृश्य किसे दीवाना न बना देगा।

सांझ की लालिमा में नहाया ये दृश्य किसे दीवाना न बना देगा।

An evening at Aath Kua Nau Bawdi . PC: Pawan Singh Baish


साँझ होते ही पंछी घोसलों की ओर लौट पडे हैं। सूरज ने प्रेम से सराबोर हो क्षितिज को लालिमा से रंग दिया। यह प्रेम ही तो है जिसका रंग सांझ के धुंधलके में चढा है। मन जब स्मृतियों में खोता है, तब ऐसे ही रंगीन दृश्य आँखों की पुतलियों पर छपते हैं। दुनिया की आपाधापी को भूल, शहर भर के शोर को चीर कर जो सुकून हासिल होता है, उसका कोई मोल नहीं। किसी दुकान, किसी बाजार से उसे खरीदा नहीं जा सकता। यह तो बस ऐसे ही मिलता है।
सुख और सुकून की खातिर तमाम जतन करते परेशान लोगों को चाहिए कि वे ऐसी किसी शाम की आगोश में डूब जाएँ। तब उनके अंतःक्षितिज पर जो लालिमा होगी, वह उम्र भर की उहापोह पर मरहम-ए-सुकूँ लगेगी। 

बहरहाल, बहरकैफ़ 
यह दृश्य है हिन्दुस्तान के सबसे सुरक्षित और अजेय किलों में शामिल अत्यंत प्राचीन नरवर दुर्ग पर स्थित आकर्षक पर्यटक स्थल - आठ कुआँ, नौ बावडी का।


If you have a photo and some words about that seen, send us your pic story. We'll put it on our official blog Narwar Darshan 
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गुरुवार, 17 अगस्त 2017

कैसे पहुँचें राजा नल दमयंती की राजधानी प्राचीन नरवर तक

चले आईए कि रस्ते तैयार हैं ... 

विध्यांचल की घनी पहाडियों में बसा नरवर. सिंध की गोद में हँसता खेलता नरवर. नल-दमयंती और ढोला-मारू के जैसी प्रेम कथाओं से महकता नरवर. नरवर  एक शहर, एक इतिहास, अनेक गाथाएँ ... बहुत कुछ। ❤️


नरवर आना इतना आसान है, कि आप आ ही जाएँगे। पूछते तलाशते, घूमते फिरते। कैसे भी करके।


यहाँ नरवर पहुँचने के कुछ आसान रास्तों के बारे में बताया गया है। इसमें गूगल मैप का रूट लिंक भी शामिल है, जिसपर क्लिक करते ही आपको मुख्य स्थानों से नरवर का रूट / रास्ता दूरी सहित पता चल जाएगा।

Train / Bus / Air Route

ग्वालियर की ओर से आना


ग्वालियर से नरवर की कुल दूरी लगभग 100 किमी है। मान लीजिए आप ग्वालियर आ पहुँचे हैं। ग्वालियर तो महानगर है सो देश के सभी बडे शहरों से रेलमार्ग से जुडा है। ग्वालियर में एयरपोर्ट भी है जहाँ से देश के कई बडे शहरों से घरेलू एयरलाइंस नियमित उड़ान भरती हैं। आप अब ग्वालियर से नरवर के लिए चल दीजिए ... वहाँ से NH3 राष्ट्रीय राजमार्ग (यही आगरा-मुम्बई हाईवे है) दक्षिण की ओर आता है। यहाँ से आप घाटीगाँव से थोड़ा आगे चलकर रानीघाटी मार्ग पकड़ सकते हैं, जो आपको घने जंगलों से होते हुए सीधे नरवर पहुँचा देगा। लेकिन सलाह यह है कि ये मार्ग सुरक्षित नहीं है। यदि आप एडवेंचर प्रेमी है तो यह रास्ता आपके लिए रोमांचकारी हो सकता है। 
इसके अलावा आप उसी एनएच3 से होते हुए शिवपुरी से पहले ही सतनवाड़ा पर रुककर राईट हैंड पर टर्न लेंगे तो आप नरवर-शिवपुरी रोड पर होंगे। करीब 50 मिनट की दूरी तय कर आप नरवर पहुँच जाएँगे।
 ये रहा गूगल मार्गदर्शक ... आपकी मदद के लिए -

झाँसी की ओर से आना

झांसी से नरवर की दूरी लगभग 90 किमी है। ग्वालियर की तरह ही झाँसी भी सभी बडे शहरों से रेलमार्ग से जुडा है। झाँसी से नरवर आने के लिए आप बस या निजी वाहन से करैरा होते हुए नरवर पहुँच सकते हैं।

जिला मुख्यालय शिवपुरी की ओर से

शिवपुरी नरवर का जिला मुख्यालय है। यहाँ से नरवर मात्र 45 कि.मी. है। आप निजी वाहन या यात्री बस के माध्यम से सतनवाडा होते हुए और घने जंगल, नदी, डेम आदि का लत्फ उठाते हुए नरवर पहुँच सकते हैं।

और ये रहा शिवपुरी से नरवर का मार्ग (क्लिक करिए)

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