Jal Ganga Samvardhan Abhiyan: नरवर में 12 जून 2026 को जन अभियान परिषद द्वारा भव्य बावड़ी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सुरेश राठखेड़ा रहेंगे। जानिए कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा।
नरवर (नरवर समाचार डेस्क)। ऐतिहासिक किलों, प्राचीन महलों और जल संरचनाओं के लिए विख्यात देश की प्राचीन नगरी नरवर में कल एक अनूठा और पावन उत्सव आयोजित होने जा रहा है। मध्य प्रदेश शासन के महत्वाकांक्षी 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत दिनांक 12 जून 2026 (शुक्रवार) को नरवर तहसील क्षेत्र में भव्य 'बावड़ी उत्सव' मनाया जाएगा।
यह महत्वपूर्ण जानकारी मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के नरवर ब्लॉक समन्वयक (Block Coordinator) श्री महेश परिहार जी ने साझा की है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अंचल की सदियों पुरानी और उपेक्षित हो रहीं ऐतिहासिक बावड़ियों व जल स्रोतों का पुनरुद्धार करना और आमजन को जल संवर्धन के प्रति जागरूक करना है।
🏛️ पूर्व मंत्री श्री सुरेश राठखेड़ा रहेंगे मुख्य अतिथि
ब्लॉक समन्वयक श्री महेश परिहार ने बताया कि 12 जून को आयोजित होने वाले इस गरिमामयी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री श्री सुरेश राखेड़ा जी रहेंगे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में अंचल के जल स्रोतों को सहेजने का यह महा-अभियान जन-आंदोलन का रूप लेगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पर्यावरणविद् भी हिस्सा लेंगे।
🪔 श्रमदान, दीपदान और जल संगोष्ठी: ये रहेंगे मुख्य आकर्षण
कल दिनभर चलने वाले इस 'बावड़ी उत्सव' के तहत तीन मुख्य चरणों में कार्यक्रमों का संपादन किया जाएगा, जो सीधे तौर पर जनता और प्राचीन धरोहरों को आपस में जोड़ेंगे:
प्राचीन बावड़ियों पर महा-श्रमदान: कार्यक्रम की शुरुआत नरवर की ऐतिहासिक और प्राचीन बावड़ियों की साफ-सफाई के साथ होगी। जन अभियान परिषद के वॉलिंटियर्स और स्थानीय नागरिक मिलकर बावड़ियों के भीतर जमा कचरे और गाद को साफ करने के लिए श्रमदान करेंगे।
जल संगोष्ठी (Water Symposium): श्रमदान के पश्चात एक विशेष जल संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें वर्तमान समय में गहराते भूजल संकट, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और नरवर के पारंपरिक जल प्रबंधन के इतिहास पर प्रबुद्ध जनों और विशेषज्ञों द्वारा विचार साझा किए जाएंगे।
शाम को महा-दीपदान: उत्सव के अंतिम चरण में, साफ की गई प्राचीन बावड़ियों और घाटों पर दीपदान किया जाएगा। सैकड़ों दीयों की रोशनी से जब हमारी ऐतिहासिक बावडियां जगमगाएंगी, तो वह दृश्य नरवर की प्राचीन संपन्नता और जल के प्रति अंचल की अगाध श्रद्धा को प्रदर्शित करेगा।
🤝 जन अभियान परिषद की ओर से सामूहिक आमंत्रण
कार्यक्रम को सफल बनाने और जल चेतना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ब्लॉक कोर्डिनेटर श्री महेश परिहार ने अंचल के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से शामिल होने की अपील की है। इस महा-उत्सव में:
नरवर की सभी नवांकुर संस्थाएँ (NGOs),
जन अभियान परिषद के सभी सम्मानित परामर्शदाता (Mentors),
ग्राम स्तर पर सक्रिय प्रस्फुटन समितियां (CMCLDP वॉलिंटियर्स),
एवं समस्त नगर व ग्राम वासी सादर आमंत्रित हैं।
'नरवर दर्शन' की अपील: जल ही जीवन है और हमारी प्राचीन बावडियां हमारे पूर्वजों की वो अनमोल धरोहर हैं जिन्होंने सदियों तक इस अंचल की प्यास बुझाई है। आइए, कल 12 जून को अपने हिस्से का समय दान करें, श्रमदान करें और इस 'बावड़ी उत्सव' को एक ऐतिहासिक सफलता की ओर ले जाएं।
बहुत ही उपयोगी खबर।
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद
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