Pakistan-Turkiye Relations Update 2026: तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भारत को लेकर दिया बड़ा बयान। कहा- 'पाकिस्तान से हमारी दोस्ती का मतलब भारत से दुश्मनी नहीं'। जानिए भारत-पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) के बाद क्यों बदले तुर्किए के सुर।
नई दिल्ली/इंटरनेशनल डेस्क (नरवर समाचार)। वैश्विक राजनीति (Geopolitics) के पटल से इस समय एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। सिंगापुर के मशहूर रैफल्स होटल में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) के एक लेक्चर के दौरान तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भारत और पाकिस्तान के त्रिकोणीय संबंधों को लेकर एक बड़ा और बेबाक बयान दिया है।
तुर्किए के विदेश मंत्री ने सीधे शब्दों में भारत से कहा है कि, "पाकिस्तान के साथ हमारे करीबी और भाईचारे वाले संबंधों को भारत को अपनी दुश्मनी के तौर पर नहीं देखना चाहिए।"
🎙️ तुर्किए के विदेश मंत्री ने बयान में क्या कहा?
सिंगापुर में बोलते हुए तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि तुर्किए और पाकिस्तान के संबंध दशकों पुराने और ऐतिहासिक हैं।
"यदि भारत उन देशों से नाराज या ईर्ष्या (Resentful) करने जा रहा है जिनके पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध हैं, तो मैं नहीं जानता।
लेकिन जैसा कि मैंने कहा, द्विपक्षीय स्तर पर भारत के साथ हमारा कोई विवाद नहीं है और हम भारत से आग्रह करते हैं कि वे इस मुद्दे को दूसरे नजरिए से न देखें।"
विशेषज्ञों का मानना है कि तुर्किए का यह बयान उसकी "दोहरी नीति" को दर्शाता है, जहाँ वह एक तरफ पाकिस्तान को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देना चाहता है, और दूसरी तरफ भारत के विशाल बाजार, व्यापार और पर्यटन से भी दूर नहीं होना चाहता।
⚔️ 'ऑपरेशन सिंदूर' की पृष्ठभूमि में क्यों अहम है यह बयान?
तुर्किए के इस अचानक आए नरम और कूटनीतिक बयान के पीछे पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ सैन्य टकराव है।
क्या था मामला? 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारत के 26 जवान शहीद हो गए थे।
इसके जवाब में भारतीय सेना ने मई 2025 में पाकिस्तान के भीतर घुसकर 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) चलाया और आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। तुर्किए ने दिया था पाकिस्तान का साथ: उस सैन्य संघर्ष के दौरान तुर्किए ने खुले तौर पर भारत की कार्रवाई की निंदा की थी और पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था।
इसके बाद से ही भारत और तुर्किए के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए थे।
🤝 पाकिस्तान-तुर्किए की बढ़ती 'जुगलबंदी' और भारत की चिंताएं
हाल ही में 26 मई 2026 को तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन और पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
भारत के लिए चिंता के मुख्य बिंदु:
कश्मीर मुद्दे पर प्रोपेगैंडा: तुर्किए लगातार संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाता आया है, जिसका भारत हमेशा कड़ा विरोध करता है।
सैन्य और ड्रोन तकनीक: तुर्किए द्वारा पाकिस्तान को एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी (जैसे बायराकटार ड्रोन) की सप्लाई किए जाने की खबरें लगातार भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं।
🎯 निष्कर्ष (Conclusion)
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, हाल ही में भारत द्वारा सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को निलंबित किए जाने की सख्त चेतावनी और आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख को देखते हुए तुर्किए अब बैकफुट पर आते हुए डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहा है।
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