मंगलवार, 30 जून 2026

Akshara Gupta Record: बिहार की 15 वर्षीय सनसनी अक्षरा गुप्ता ने BCA विमेंस अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में मात्र 126 गेंदों में नाबाद 306 रनों की पारी खेलकर इतिहास रच दिया है। जानिए उनके जीवन और इस बवंडर पारी की पूरी कहानी।

'फीमेल वैभव सूर्यवंशी' बनीं बिहार की अक्षरा गुप्ता! महिला U-19 वनडे में जड़ दिया ऐतिहासिक तिहरा शतक; 126 गेंदों में बनाए 306 रन!

Akshara Gupta Record: बिहार की 15 वर्षीय सनसनी अक्षरा गुप्ता ने BCA विमेंस अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में मात्र 126 गेंदों में नाबाद 306 रनों की पारी खेलकर इतिहास रच दिया है। जानिए उनके जीवन और इस बवंडर पारी की पूरी कहानी।

खेल डेस्क (नरवर समाचार)। भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी विस्फोटक पारियों का जिक्र होता है, तो पुरुष क्रिकेटरों के नाम जेहन में आते हैं। लेकिन बिहार के पूर्वी चंपारण (रक्सौल) की रहने वाली 15 वर्षीय अक्षरा गुप्ता ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) द्वारा भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड ग्राउंड पर आयोजित विमेंस अंडर-19 वन-डे ट्रॉफी में रक्सौल की ओर से खेलते हुए इस युवा बल्लेबाज ने नाबाद 306 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर सनसनी मचा दी है। उनकी इस आक्रामक शैली को देखकर दिग्गज क्रिकेट समीक्षक उन्हें 'फीमेल वैभव सूर्यवंशी' के नाम से पुकार रहे हैं।

💥 सिर्फ चौके-छक्कों से बनाए 268 रन: पारी के मुख्य आंकड़े

अक्षरा गुप्ता जब मैदान पर उतरीं, तो उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। उनकी यह पारी किसी टी-20 मैच से भी कहीं ज्यादा तेज थी:

  • कुल रन: 126 गेंदों में नाबाद 306 रन

  • स्ट्राइक रेट: 242.86 का अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट

  • चौके और छक्के: अपनी इस पारी में अक्षरा ने 55 चौके और 8 छक्के जड़े। यानी उन्होंने 268 रन तो सिर्फ बाउंड्रीज से बना डाले!

  • तूफानी शतक: अक्षरा ने महज 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और सिर्फ 34 गेंदों में अपना शतक ठोक दिया था।

  • क्रीज पर समय: वे कुल 233 मिनट तक मैदान पर रहीं और अंत तक आउट नहीं हुईं।

अक्षरा की इस महा-पारी की बदौलत उनकी टीम ने 40 ओवरों में 450 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में विपक्षी टीम महज 121 रनों पर ढेर हो गई।

🏆 रिकॉर्ड्स की झड़ी: भारत में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर

अक्षरा गुप्ता की यह पारी बिहार महिला क्रिकेट इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत वनडे पारी बन गई है। वहीं, अगर पूरे भारतीय महिला घरेलू क्रिकेट (All India Domestic Cricket) के इतिहास की बात की जाए, तो यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

रिकॉर्ड नोट: भारत में महिला घरेलू क्रिकेट में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड मुंबई की इरा गुप्ता के नाम है, जिन्होंने जनवरी 2025 में मेघालय के खिलाफ नाबाद 346 रन बनाए थे।

अक्षरा के नाम एक और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। वह एक ही सीजन (2024-25) में बीसीसीआई (BCCI) के चारों एज ग्रुप—अंडर-15 (उप-कप्तान), अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर महिला टीम के टूर्नामेंट में भाग लेने वाली बिहार की पहली महिला क्रिकेटर हैं।

🏠 चिकन शॉप चलाने वाले पिता की लाडली: कैसा रहा संघर्ष?

भारत-नेपाल सीमा पर बसे एक छोटे से सीमावर्ती शहर रक्सौल से निकलकर इस मुकाम तक पहुँचना अक्षरा के लिए आसान नहीं था। उनके पिता राज किशोर शाह रक्सौल में एक छोटी सी चिकन शॉप (मुर्गे की दुकान) चलाते हैं और मां रीना देवी एक गृहिणी हैं।

  • बचपन और ट्रेनिंग: अक्षरा को 8 साल की उम्र से ही क्रिकेट का शौक लगा। रक्सौल जैसे छोटे कस्बे में लड़कियों के लिए कोई क्रिकेट एकेडमी या प्रॉपर मैदान नहीं था, इसलिए वे अपने भाइयों और मोहल्ले के लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं।

  • घर के बगीचे में नेट प्रैक्टिस: अक्षरा के जुनून को देखते हुए उनके पिता ने अपने घर के छोटे से बगीचे में ही उनके लिए नेट का इंतजाम कर दिया, जहां वे रोजाना 5-5 घंटे कड़ी प्रैक्टिस करती थीं। उनके कजिन भाई ऋषभ (जो खुद बिहार से क्रिकेट खेलते हैं) उनके शुरुआती मेंटर बने।

  • 14 साल की उम्र में कप्तानी: अक्षरा की प्रतिभा को देखते हुए साल 2024 में महज 14 साल की उम्र में ही उन्हें बिहार की अंडर-19 महिला टीम का कप्तान बना दिया गया था।

🎯 निष्कर्ष: टीम इंडिया का भविष्य हैं अक्षरा

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षवर्धन और सचिव जियाउल आरफीन ने अक्षरा को इस ऐतिहासिक तिहरे शतक के लिए बधाई दी है और इसे बिहार क्रिकेट के बढ़ते बुनियादी ढांचे की जीत बताया है। जिस आक्रामक अंदाज में अक्षरा खेलती हैं, वह दिन दूर नहीं जब वे स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर की तरह भारतीय सीनियर विमेंस टीम की जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी।

'नरवर दर्शन' इस होनहार और संघर्षशील बेटी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है!

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